उस्तादों को पराजय कर देता हैं ये नन्हे फनकार

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उस्तादों को पराजय कर देता हैं ये नन्हे फनकार

उस्तादों को पराजय कर देता हैं ये नन्हे फनकार | नन्ही सी उम्र, जिस्म बच्चे खेलना मोज मस्ती करना और कार्टून देखना पसंद करते हैं, उस उम्र में हरियाणा का नाम रोशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने में जुड़े हैं शहर के ये नन्हे उस्ताद|  अपने ध्येय के लेकर बडॉ की तरह समर्पित हैं| वे पड़ते भी है, खेलते भी मगर अपने फन के प्रीत समर्पण ने उन्हें चमकता सितारा बनाया है| निशिच्त रूप से इसमें उनके माता-पिता की मेहनत भी उनके साथ है|

उस्तादों को पराजय कर देता हैं ये नन्हे फनकार
उस्तादों को पराजय कर देता हैं ये नन्हे फनकार

दिमागी खेल का उस्ताद स्पर्श

8 वर्ष का स्पर्श बिष्ट शाह और मात के खेल का बेहतरीन खिलाड़ी है| जिस उम्र में बच्चे अल्फाबेट सीकते हैं स्पर्श ने उस उम्र में दिमाग के खेल शतरंज में माहारत हासिल की| सादे तीन साल की उम्र में स्पर्श शतरंज के खेल में अपने से बड़ों को भी पछाड़ने लगा| 2013 में पुणे में आयोजित नेशनल चेस चैंपियनशिप में स्पर्श को सबसे कम उम्र के शतरंज के खिलाड़ी तौर पर मान्यता मिली थी| स्पर्श चेस चैंपियनशिप में चार बार हरियाणा स्टेट चेस चैंपियनशिप जीत चूका है|  दो बार अंडर सेवेन और दो बार अंडर नाइन केटेगरी में वह हरियाणा राज्य का सर्वश्रेष्ट शतरंज का खिलाड़ी रहा|

दिमागी खेल का उस्ताद
दिमागी खेल का उस्ताद
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अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार हो रहा है

अंडर फाइव केटेगरी में स्पर्श ने एशियन चेस चैंपियन शिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था|  वर्ष 2014 में ताइवान में आयोजित इस प्रतियोगिता में वह चौथे स्तान पर रहा| इसी साल वह अंडर फाइव नेशनल चैंपियनशिप में दुसरे स्तान पर रहा|  स्पर्श वर्ष 2016 में पोंडिचेरी में आयोजित नेशनल अंडर सेवेन चेस चैंपियनशिप में पांचवें स्तान पर रहा| वोह अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार हो रहा है| अपनी स्कूल में तीसरी कक्षा का यह छात्र शतरंज की दुनिया में भविष्य का सितारा है|

 

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