जीने का तरीका बताता है ज्योतिषशास्त्र व धरम के शास्त्रों

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जीने का तरीका बताता है ज्योतिषशास्त्र व धरम के शास्त्रों

ज्योतिषशास्त्र व हिन्दू धरम के शास्त्रों ने मानव को जीने का तरीका बताया हुवा है|  हमे कई लोग इन सब में विस्वास ही नहीं करते परन्तु जब पानी सरसे उप्पर चले जाता है तब हम कोज सुरु करते हैं की हम ऐसा कुछ तो नहीं कर रहे हैं जिस से हमको इस तरीके का दुष्प्रभाव पद रहा है?  शास्त्रों और ज्योतिष ही वास्तु और मॉडर्न साइंस का आधार है|  यहाँ बताया हुवा नियमों की पालन करने से हम कई प्रकार के दुष्प्रभाव को चमत्कार में बदल सकते हैं|

अतिथि देवो भव

जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आये उनको स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएं| ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं| जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी  पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता|

जीने का तरीका बताता है ज्योतिषशास्त्र व हिन्दू धरम के शास्त्रों
जीने का तरीका बताता है ज्योतिषशास्त्र व हिन्दू धरम के शास्त्रों

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अगर घर में कोई मांगलिक काम या फिर कोई समारोह हो रहा हो तो खाना बनने के बाद सभी प्रकार के भोज्य पदार्थों को एक थाली में करके घर के मंदिर में सबसे पहले भगवान गणेश और पूर्वजों को भोग लगाना चाहिए। कहा जाता है कि इससे घर में हमेशा अन्न देवता की कृपा बनी रहती है और खाने की कभी भी कमी नहीं होती।

घर पर खुशी लेकर आएं

घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है| उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है| हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है| ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है| और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है|

घर पर खुशी लेकर आएं
घर पर खुशी लेकर आएं

जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर फैंक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं| इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें  आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी|  और उन लोगों का राहु और शनि खराब होगा, जो लोग जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा| इससे बचने के लिए उठते ही बिस्तर को समेट दें|

https://youtu.be/1HKwYDsXwow 

 

 

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