जिन दृश्यों की दिमाग कल्पना करता है, वह हकीकत भी बन सकते हैं

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जिन दृश्यों की दिमाग कल्पना करता है, वह हकीकत भी बन सकते हैं

जिन दृश्यों की दिमाग कल्पना करता है, वह हकीकत भी बन सकते हैं:  जब आप समृद्धि के रहस्य को जानेंगे और समृद्धि की तकनीक को अपनाएंगे तो आप अपने जीवन में नाटकीय बदलाव ला सकते हैं|  दरअसल दिमाग दृश्यों पर काम करता है|  जो भी दृश्य हम देकते हैं या जिनकी दिमाग कल्पना करता है वह हकीकत बन सकती है|  जब आप समृद्धि की तस्वीरों को कल्पना करें तो इसमें सीमित होने की जरुरत नहीं है| जो भी सोचे बड़े से बड़ा सोचें| इश्वर हमारे मस्तिष्क का दरवाजा खटखटाता है और सारी संभावनाओं को जाहिर करने का मोका देता है| लेकिन आपको छोटी सफलताओं के बारे में नहीं सोचना है|  आप एसा करते हैं तो छोटी घटनाओं और छोटी उम्मीदों की धारा में बह जाते हैं|

जिन दृश्यों की दिमाग कल्पना करता है, वह हकीकत भी बन सकते हैं
जिन दृश्यों की दिमाग कल्पना करता है, वह हकीकत भी बन सकते हैं

जो सोचते हैं उसके बारे में स्पेसिफिक होना जरुरी है

पहला आप जो सोचते हैं उसके बारे में स्पेसिफिक होना जरुरी है|  क्योंकि यह आपकी उम्मीदों का इंधन है और यह विस्तूत ही होना चाहिए|  एक कहावत है की किस्मत भी बहादुर लोगों का साथ देती है|  इसका मतलब है, जीवन में उन्ही लोगों के  रास्ते सीदे और स्पष्ट है जो यह जानते है की वे क्या चाहते है|

जो सोचते हैं उसके बारे में स्पेसिफिक होना जरुरी है
जो सोचते हैं उसके बारे में स्पेसिफिक होना जरुरी है

कभी भी अपनी गरीबी के बारे में मत सोचिये

दूसरा कभी भी अपनी गरीबी के बारे में मत सोचिये| यह मत कहिए की आप इस चीज को प्रदान (अफोर्ड) नहीं कर सकते| सिर्फ अवसरों पर ध्यान लगाइए|  अगर आपके पास कोई चीज नहीं है और आप उसे पाना चाहते हैं तो वैक्यूम लॉ का इस्तेमाल कीजिये|  यानी समृद्धि के लिए जगह बनाईये|

और पढ़ें:  परिवर्तन के बिना प्रगति संभव नहीं|

पुरानी बेकार चीजों को हटा दीजिये

तीसरा पुरानी बेकार चीजों को हटा दीजिये और समृद्धि का रास्ता बनाईये| जो विचार हम बाहर व्यक्त करते हैं, वही हमारे पास लौटकर फिर आते हैं|  लेकिन हम इस बारे में अच्छी तरह से जानते नहीं है|  इसलिए नकारात्मक विचार व्यक्त कटे हैं|  जो व्यक्ति समृद्धि को लेकर सतर्क होता है, वह अपने विचार भी इसी तरह व्यक्त करता है|  वह जानता है की विचार ही  सफलता को आकर्षित करते हैं| इसलिए जीवन में सर्वश्रेस्ट की उम्मीद करना है| इस की अभ्यास भी कि जा सकती है| अभ्यास परिसंचरण युनिवर्सल लॉ के रूप में सामने आती है|

पैसा भी आप के व्यवहार के मुताबिक़ ही आपके पास आता है
पैसा भी आप के व्यवहार के मुताबिक़ ही आपके पास आता है

पैसा भी आप के व्यवहार के मुताबिक़ ही आपके पास आता है

कई बार लोग पैसों को मजाक में लेते हैं| वे यूँ ही कह देते हैं की पैसा उनके लिए कोई महत्व नहीं रक्ता|  लेकिन फिर भी पूरी जिंदगी उन्हें पैसों के लिए काम तो करना ही पड़ता है| वे ऐसा काम करते भी है और कम पैसा मिलने का अफ़सोस भी करते हैं| यह लोग यह बात क्यों नहीं मानते की पैसा महत्वपूर्ण है और अच्छे जीवन के लिए मुलभुत जरुरत है| ऐसा पाने के लिए उसकी अहमियत तो समझना होगी|  पैसा भी आप के व्यवहार के मुताबिक़ ही आपके पास आता है|  अगर आप उसे अच्छा मानेंगे, उसकी इच्छा करेंगे तो आपके पास आएगा| इसे अपना हक़ मानेंगे तो आपके पास आएगा|

 

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