श्री राम से बड़ा श्री राम का नाम – अजपा स्मरण क्या है?

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श्री राम से बड़ा श्री राम का नाम – अजपा स्मरण क्या है?

प्रकृति के आरम्भ में एक नाम था वो ईस्वर था|  हिन्दू – ईसाई – सिख धर्म भेध भाव के बिना इस रहस्य को स्वीकार करते हैं|  अजपा शब्द, मंत्र या नाम वर्तनी को हमेशा करने को कहा जाता है। इस तरीके में नाम स्मरण हमेशा चलता रहता है चाहे जब आप जागते हैं या सोते हैं| अजपा स्मरण जब तक दिल में भगवान को महसूस नहीं किया जाता तब तक चलता रहता है|  यानि इस “नाम” हमारे खून में शामिल होक हमारे शरीर का हर एक अंक, सेल्स (कोशिकाओं), मन और आत्मा में व्यापित हो|  अजपा आत्मा और ईश्वर के बीच का संबंध को सुनिश्चित करता है।  उदाहरण के लिए हनुमान और राम का संबंध को कहा जा सकता है|

श्री राम से बड़ा श्री राम का नाम - अजपा स्मरण क्या है?
श्री राम से बड़ा श्री राम का नाम – अजपा स्मरण क्या है?

अजपा की शक्ति अपरंपार है

श्री राम की पत्नी सीता को हमेशा हनुमान से इस कारण से ईर्ष्या था की अगर हनुमान उपस्तिथ हो तो राम का ध्यान हमेशा हनुमान की ओर रहता था| एक दिन श्री राम को इस बात का पता चल गया|  सीता को समझाने के लिए श्री राम ने हनुमान के शरीर से एक बाल तोड़ के सीता जी के कान के पास ले गए | शरीर से निकाल लेने के बाद भी उस बाल से “राम-राम” स्मरण करने का शब्द आता रहा था और उस शब्द को सीता सुन पाई थी|  श्री राम ने सीता से कहा अब तो आप को समझ गये होंगे कि मै हनुमान की और क्यों खिंचा चला जाता हूँ|  ये हनुमान नहीं पर अजपा की शक्ति है जिसका प्रभाव अपरंपार है|

अजपा की शक्ति अपरंपार है
अजपा की शक्ति अपरंपार है

श्री राम से प्रभावशाली “राम” का नाम है

श्री राम से प्रभावशाली “राम” का नाम है|  इस बात को साबित करने वाली बात तब हुआ जब वानर सेना समुंदर पर सेतु बना रहे थे|  सेतु बनाने के लिए वानर सेना ने पत्थरों को समुंदर पे फेक रहे थे वे पत्थर एक के ऊपर एक लगकर सेतु बन रहा था|  श्री राम ये सब देख रहे थे, तो, उनका मन में भी यह अभिलाषा हुई की वो भी एक पत्थर को डालें|  तब श्री राम ने एक पत्थर को फेका और वो पत्थर समुंदर में डूब गया|  श्री राम थोडा शर्मिंदगी महसूस करते हुवे हनुमान की ओर देखा और पुछा कि मेरा पत्थर क्यों डूब गया?

श्री राम से प्रभावशाली “राम” का नाम है
श्री राम से प्रभावशाली “राम” का नाम है

अजपा के लिए हर पल श्रेष्ट है

हनुमान जी ने कहा हे प्रभु!  सारे वानर “श्री राम” के नाम स्मरण करते हुए पत्थर को फेक रहा है इसलिए हर एक पत्थर मिलकर वो सेतु का रूप ले रहा है|  चाहे आप खुद श्री राम क्यों न हो लेकिन आप पत्थर के फेकते समय श्री राम नाम का स्मरण नहीं किये इसलिए आप का पत्थर डूब गया|  अगर आप भी “श्री राम”  नाम को लिए होते तो आप का पत्थर भी दूसरे पत्थरों की तरह तैरता|

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तो नाम स्मरण की शक्ति अपरंपार है| जब यह स्मरण अजपा तरीके से हो, तो अजपा शक्ति ईस्वर को भी मजबूर करने की त्ताकत रखता है|  अजपा के लिए हर पल श्रेष्ट है चाहे आप कुछ भी यानि कुछ भी कर रहें हो आप नाम स्मरण कर सकते हैं|

 

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